बेणेश्वर धाम में 3 फीट तक पानी: डूंगरपुर में बारिश का ऑरेंज अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद
बेणेश्वर धाम में 3 फीट तक पानी डूंगरपुर जिले में शनिवार को बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बेणेश्वर धाम के तीनों पुलों पर 3 फीट तक पानी बहने से आवाजाही रुक गई है। जिले के 5 तालाब और बांध ओवरफ्लो हो रहे हैं। कलेक्टर ने सुरक्षा को देखते हुए सभी स्कूल, आंगनवाड़ी और मां बाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित की है। पढ़ें ताज़ा अपडेट, बारिश का हाल और जिले की स्थिति पूरी जानकारी के साथ।
बेणेश्वर धाम में बारिश का असर: पुलों पर पानी का सैलाब
बेणेश्वर धाम में 3 फीट तक पानी डूंगरपुर जिले में लगातार हो रही बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। शनिवार सुबह से आसमान में काले बादल छाए हुए हैं और दिन में भी अंधेरे जैसा माहौल बना रहा।
बेणेश्वर धाम, जिसे आदिवासियों का तीर्थधाम माना जाता है, पूरी तरह टापू में तब्दील हो चुका है। धाम के तीनों प्रमुख पुलों —
- बांसवाड़ा की ओर का पुल
- वालाई की ओर का पुल
- सावला की ओर का पुल
पर 2 से 3 फीट तक पानी बह रहा है। इसके चलते धाम तक पहुंचना लगभग नामुमकिन हो गया है।
डूंगरपुर में ऑरेंज अलर्ट: सभी स्कूलों में छुट्टी
मौसम विभाग ने डूंगरपुर जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने आदेश जारी किया कि:
- कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे।
- सभी आंगनवाड़ी और मां बाड़ी केंद्रों में छुट्टी दी गई है।
- लोगों से अपील की गई है कि अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें।
5 बांध और तालाब ओवरफ्लो: पानी की मार
डूंगरपुर जिले के कई बांध और तालाब लगातार हो रही बारिश से उफान पर हैं।
ओवरफ्लो चल रहे बांध/तालाब
| बांध/तालाब का नाम | स्थिति |
|---|---|
| टामटिया बांध | ओवरफ्लो |
| मारगिया बांध | ओवरफ्लो |
| पुंजेला बांध | ओवरफ्लो |
| बॉडीगामा बांध | ओवरफ्लो |
| तालाब (स्थानीय) | ओवरफ्लो |
वहीं, सोम कमला आंबा बांध अब भी करीब ढाई मीटर तक खाली है।
जिले में कहां कितनी बारिश हुई?
शनिवार सुबह 8 बजे तक जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश का हाल इस प्रकार रहा:
- चिखली – 16 एमएम
- कनबा – 14 एमएम
- धम्बोला – 9 एमएम
- सागवाड़ा – 8 एमएम
- निठाउवा – 8 एमएम
बेणेश्वर धाम क्यों खास है?
बेणेश्वर धाम को ‘दक्षिण राजस्थान का प्रयाग’ कहा जाता है। यहां माही, सोम और जाखम नदियों का संगम होता है। हर साल हजारों श्रद्धालु यहां मेले में आते हैं। लेकिन बारिश के समय यहां पुलों पर पानी बहने से धाम अक्सर टापू बन जाता है।
लोगों के लिए प्रशासन की अपील
- नदी-नालों और पुलों के पास न जाएं।
- मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें।
- बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक बाहर न निकलने दें।
- प्रशासन की हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत संपर्क करें।
