मन की उड़ान संस्थान ने NSS: के तहत डूंगरपुर में विद्यार्थियों को आत्मरक्षा और अस्त्र-शस्त्र संचालन का प्रशिक्षण दिया
मन की उड़ान संस्थान ने NSS मन की उड़ान संस्थान द्वारा डूंगरपुर के श्री भोगीलाल पंड्या राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) गतिविधियों के अंतर्गत आत्मरक्षा एवं अस्त्र-शस्त्र संचालन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विद्यार्थियों को तलवार, दंड, छुरिका और यष्टि जैसे अस्त्र-शस्त्रों का प्रशिक्षण दिया गया। नारी सशक्तिकरण, चरित्र निर्माण और भारतीय परंपरा से जुड़ाव पर विशेष जोर देते हुए विशेषज्ञों ने छात्राओं को आत्मरक्षा तकनीक सिखाईं।

मन की उड़ान संस्थान ने NSS : आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला: डूंगरपुर में छात्रों का उत्साह
डूंगरपुर के श्री भोगीलाल पंड्या राजकीय महाविद्यालय में मन की उड़ान संस्थान ने राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तहत आत्मरक्षा और अस्त्र-शस्त्र संचालन कार्यशाला आयोजित की।
इस मौके पर छात्रों को चरित्र निर्माण, वैदिक संस्कार और आत्मरक्षा तकनीक की गहन जानकारी दी गई।
NSS आत्मरक्षा प्रशिक्षण की शुरुआत राज्यपाल के संदेश से
कार्यशाला की शुरुआत संस्थापिका कामना चौबीसा ने राज्यपाल एवं गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागड़े के इस कथन से की –
“विश्वविद्यालय का दायित्व आधुनिक शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ना भी है।”
इसके बाद मंचासीन अतिथियों और प्राध्यापकों का तिलक और रक्षा सूत्र से स्वागत किया गया।
मन की उड़ान संस्थान ने NSS: आत्मरक्षा कार्यशाला में अस्त्र-शस्त्र प्रशिक्षण
संस्थापिका ने अप्रैल माह में आयोजित “नारी शक्ति नमन शिविर” का उल्लेख करते हुए बताया कि इस श्रृंखला को आगे बढ़ाकर नियमित आत्मरक्षा कक्षाएं चलाई जा रही हैं।

छात्रों को निम्न अस्त्र-शस्त्रों का परिचय कराया गया:
- यष्टि (लाठी संचालन)
- दंड
- छुरिका
- कटार
- तलवार
प्रशिक्षक अरविंद जी ने तलवारबाजी का प्रदर्शन कर छात्रों को प्रभावित किया।
मन की उड़ान संस्थान ने NSS: आत्मरक्षा प्रशिक्षण का उद्देश्य
इस कार्यशाला का मुख्य लक्ष्य केवल तकनीकी ज्ञान नहीं था, बल्कि समाज में जागरूकता और आत्मविश्वास को बढ़ाना भी था।
मुख्य उद्देश्यों में शामिल रहे:
- नारी सशक्तिकरण
- आत्मरक्षा प्रशिक्षण
- भारतीय संस्कार जागृति
- चरित्र निर्माण
- प्रेरणादायी चर्चा

मन की उड़ान संस्थान ने NSS : आत्मरक्षा कार्यशाला में विशेषज्ञों के विचार
- डॉ. अंजलि पंड्या, राज्य स्तरीय पुरस्कृत साहित्यकार ने महिलाओं से जुड़ी समस्याओं व योजनाओं पर प्रकाश डाला।
- राकेश पंड्या ने विद्यार्थियों को देवी-देवताओं के अस्त्र-शस्त्र इतिहास और आधुनिक आत्मरक्षा तकनीकों से अवगत कराया।
- संस्थान की सदस्य सोनल सेवक ने अतिथियों को अस्त्र-शस्त्र कलम भेंट की।
मन की उड़ान संस्थान ने NSS : आत्मरक्षा प्रशिक्षण और डिजिटल सशक्तिकरण
संस्थापिका ने छात्रों को डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया कोर्सेज और सरकारी पोर्टल्स की भी जानकारी दी।
छात्राओं ने उद्घोष किया –
“हम भारत की नारी हैं, फूल नहीं चिंगारी हैं… वंदे मातरम्।”
मन की उड़ान संस्थान ने NSS : नवरात्र और आत्मरक्षा का संगम
नवरात्रि के अवसर पर कार्यशाला का दूसरा सत्र प्रताप नगर उद्यान, माताजी मंदिर प्रांगण में हुआ।
यहाँ प्रतिभागियों ने सीखा:
- निःयुद्ध
- दंड संचालन
- तलवार अभ्यास
- पंच, लात और ब्लॉक तकनीक
संस्थापिका ने कहा –
“नवरात्र में केवल डांडिया खेलना काफी नहीं, बेटियों को डंडा चलाना भी आना चाहिए।”
टेबल: NSS आत्मरक्षा कार्यशाला की मुख्य बाते
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| आयोजन स्थल | श्री भोगीलाल पंड्या राजकीय महाविद्यालय, डूंगरपुर |
| आयोजक | मन की उड़ान संस्थान (NSS गतिविधि) |
| प्रमुख प्रशिक्षण | यष्टि, दंड, छुरिका, कटार, तलवार संचालन |
| मुख्य उद्देश्य | नारी सशक्तिकरण, आत्मरक्षा, संस्कार जागृति |
| विशेष अवसर | नवरात्रि महोत्सव से जुड़ा कार्यक्रम |
FAQs
1. NSS आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्देश्य क्या था?
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आत्मरक्षा तकनीक सिखाना, नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और भारतीय संस्कारों से जोड़ना था।
2. डूंगरपुर में हुई इस NSS कार्यशाला में कौन-कौन से अस्त्र-शस्त्र का प्रशिक्षण दिया गया?
यष्टि, दंड, छुरिका, कटार और तलवार संचालन का प्रशिक्षण दिया गया।
3. नवरात्रि के अवसर पर इस कार्यशाला की क्या खासियत रही?
प्रताप नगर उद्यान में आयोजित सत्र में छात्रों ने गरबा के साथ तलवार, दंड और आत्मरक्षा तकनीकों का अभ्यास किया।
4. इस कार्यशाला में छात्राओं को और कौन-कौन सी सरकारी योजनाओं की जानकारी मिली?
छात्राओं को डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और विभिन्न निःशुल्क कोर्सेज व पोर्टल्स की जानकारी दी गई।
5. क्या NSS आत्मरक्षा प्रशिक्षण भविष्य में भी आयोजित होगा?
हाँ, आयोजकों ने जल्द ही नियमित कक्षाएँ शुरू करने पर जोर दिया है।
