व्यापारी की हत्या: बांसवाड़ा कांड में साथी से पूछताछ, DSP बोले- हर्षित की भूमिका पर फिर जांच
व्यापारी की हत्या बांसवाड़ा जिले के मोटागांव से लापता हुए दो व्यापारियों में से एक की मौत ने पूरे इलाके को हिला दिया है। व्यापारी सुरेश सोनी की लाश नदी में मिलने के बाद उसके साथी हर्षित सेवक से लगातार पूछताछ हो रही है। पुलिस का कहना है कि हर्षित इंदौर जाकर दाढ़ी-मुंडन करवा चुका था और सफेद रुमाल बांधकर फरारी की योजना बनाई थी। DSP महेंद्र कुमार मेघवाल का कहना है कि मामले का खुलासा जल्द हो सकता है। आखिर सुरेश नदी में कैसे गिरा और हर्षित की इसमें क्या भूमिका थी, यह सवाल अभी भी अनसुलझे हैं। पढ़ें पूरी रिपोर्ट और जानें जांच की हर नई अपडेट।
व्यापारी की हत्या: बांसवाड़ा से शुरू हुआ रहस्य
व्यापारी की हत्या बांसवाड़ा जिले के मोटागांव कस्बे से 8 सितंबर को दो व्यापारी दोस्त सुरेश सोनी और हर्षित सेवक अचानक लापता हो गए।
कुछ ही दिनों में सुरेश की लाश नदी में मिली, जबकि हर्षित रतलाम में जिंदा पाया गया।
इस घटनाक्रम ने पूरे बांसवाड़ा में सनसनी फैला दी है।
व्यापारी की हत्या: हर्षित से लगातार पूछताछ
- पुलिस ने हर्षित को रतलाम से डिटेन किया।
- बताया गया कि वह मुंह पर सफेद रुमाल बांधकर पिंडावल बस स्टैंड से फरार हुआ था।
- इंदौर पहुंचकर उसने दाढ़ी-मुंडन भी करवा लिया।
- शुरुआती बयान में हर्षित ने कहा कि वह डर के कारण भागा।
लेकिन पुलिस को शक है कि सुरेश की मौत में उसकी भूमिका हो सकती है।
व्यापारी की हत्या: DSP का बड़ा बयान
घाटोल DSP महेंद्र कुमार मेघवाल ने कहा कि:
- हर्षित की भूमिका को लेकर गहराई से जांच चल रही है।
- पुलिस इस केस का खुलासा जल्द कर सकती है।
- गुरुवार तक बड़े खुलासे की उम्मीद है।
व्यापारी की हत्या: सुरेश की मौत पर सवाल
सुरेश सोनी की लाश मिलने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं:
- सुरेश नदी में कैसे गिरा?
- क्या उसे धक्का दिया गया था?
- कार नदी में कैसे पहुंची और दरवाजे खुले क्यों थे?
- कार में दोनों के जूते क्यों पड़े थे?
- हर्षित पांच दिन बाद रतलाम में कैसे और क्यों मिला?
व्यापारी की हत्या: जांच में सामने आए तथ्
- 11 सितंबर को सुरेश की लाश भीलूड़ा के पास नदी से मिली।
- 12 सितंबर को नदी से उसकी कार क्रेन की मदद से बाहर निकाली गई।
- कार के गेट खुले थे और दोनों के जूते अंदर पड़े थे।
- हर्षित पर पहले नदी में बह जाने की आशंका जताई गई।
- लेकिन 5 दिन बाद वह रतलाम से जिंदा पकड़ा गया।
व्यापारी की हत्या: पुलिस जांच किन बिंदुओं
पुलिस इस समय तीन अहम एंगल पर काम कर रही है:
- मौत हादसा थी या हत्या?
- हर्षित का भागना क्या पहले से प्लान था?
- दोनों व्यापारियों के बीच कोई आर्थिक विवाद था या नहीं?
व्यापारी की हत्या: स्थानीय लोगों में दहशत
इस घटना से मोटागांव और आसपास के कस्बों के व्यापारी सहमे हुए हैं।
स्थानीय लोग पुलिस से जल्द सच सामने लाने की मांग कर रहे हैं।
