सांसद राजकुमार रोत: को मिली जान से मारने की धमकी यूजर ने लिखा – “यह क्रिश्चियन, अमेरिका से आया है... गोली मारो, 1 करोड़ दूंगा”
सांसद राजकुमार रोत बांसवाड़ा-डूंगरपुर से बीएपी सांसद राजकुमार रोत को सोशल मीडिया पर लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान जान से मारने की धमकी मिली है। एक यूजर ने लाइव में लिखा – “जो कोई इस सांसद को गोली मारेगा, मैं उसे 1 करोड़ रुपए इनाम दूंगा।” यह धमकी उस वक्त दी गई जब सांसद रोत उदयपुर में आदिवासियों के मुद्दों पर प्रेसवार्ता कर रहे थे। आरोपी यूजर की पहचान चंद्रवीर सिंह नाम से हुई है। सांसद ने इस मामले में डीजीपी और आईजी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर मिली इस धमकी ने आदिवासी समाज और पूरे मेवाड़ क्षेत्र में रोष और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
PM Rajkumar Roat को सोशल मीडिया पर मिली गोली मारने की धमकी
बांसवाड़ा-डूंगरपुर से बीएपी सांसद राजकुमार रोत को उस समय झटका लगा, जब एक लाइव प्रेसवार्ता के दौरान उन्हें सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी मिल गई।
दरअसल, सांसद उदयपुर में आदिवासी समाज के मुद्दों पर मीडिया को संबोधित कर रहे थे। उसी वक्त एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा –
“यह क्रिश्चियन, अमेरिका से आया हुआ है। जो कोई इसे गोली मारेगा, मैं उसे 1 करोड़ रुपए दूंगा।”
यह कमेंट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे न सिर्फ उनके समर्थक बल्कि पूरे आदिवासी समाज में गुस्से और भय का माहौल बन गया।

सांसद राजकुमार रोत: जानिए क्या है पूरा मामला
सांसद राजकुमार रोत ने मंगलवार को उदयपुर में एक प्रेसवार्ता की थी, जिसमें उन्होंने आदिवासियों पर पुलिस अत्याचार का मुद्दा उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि उदयपुर जिले के नाई थाना क्षेत्र में 5 निर्दोष आदिवासियों को झूठे मर्डर केस में फंसाया गया।
रोत ने बताया कि —
- पुलिस ने 15 दिन तक रिश्वत के लिए सौदेबाजी की।
- जब पैसा नहीं मिला, तो 4 लोगों की करीब 4.39 बीघा जमीन जबरन हड़प ली।
- जिनके पास जमीन नहीं थी, उन्हें झूठे केस में गवाह बना दिया गया।
यही प्रेसवार्ता जब सोशल मीडिया पर लाइव हो रही थी, उसी दौरान चंद्रवीर सिंह नामक यूजर ने जान से मारने की धमकी वाला कमेंट कर दिया।
सांसद रोत बोले – “अब जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की”
धमकी के बाद सांसद राजकुमार रोत ने तुरंत राजस्थान डीजीपी और उदयपुर आईजी को पत्र लिखकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा –
“यह सिर्फ मेरे खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज के सम्मान पर हमला है। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पीछे किसका हाथ है, यह भी जांचा जाना चाहिए।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि सोशल मीडिया पर खुलेआम इस तरह की धमकी देना लोकतंत्र और कानून दोनों के लिए गंभीर चुनौती है।
सांसद राजकुमार रोत: सामाजिक संगठनों और जनता में बढ़ी नाराजगी
इस धमकी के बाद आदिवासी संगठनों, बीएपी समर्थकों और आम नागरिकों ने कड़ी निंदा की है।
लोगों का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि को इस तरह धमकी देना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
कई जगहों पर सोशल मीडिया और गांव स्तर पर समर्थन संदेश ट्रेंड करने लगे हैं, जिसमें आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है।
सांसद राजकुमार रोत: कौन है आरोपी चंद्रवीर सिंह?
फिलहाल पुलिस ने यूजर की पहचान चंद्रवीर सिंह के रूप में की है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय है।
उसका अकाउंट अब रिपोर्ट और ब्लॉक कर दिया गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह अक्सर उकसाने वाले पोस्ट करता है।
पुलिस ने उसके खिलाफ आईटी एक्ट और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सांसद राजकुमार रोत: घटना से उठे गंभीर सवाल
| सवाल | मुद्दा |
|---|---|
| सोशल मीडिया की सुरक्षा | क्या लाइव प्लेटफॉर्म पर अभद्र व धमकी भरे कमेंट रोकने की व्यवस्था है? |
| प्रशासनिक जिम्मेदारी | क्या ऐसे मामलों में त्वरित FIR और गिरफ्तारी सुनिश्चित होनी चाहिए? |
| लोकतांत्रिक मर्यादा | क्या जनप्रतिनिधियों पर धार्मिक या व्यक्तिगत टिप्पणियाँ देना अपराध नहीं होना चाहिए? |
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FAQs: सांसद राजकुमार रोत धमकी मामला
Q1. सांसद राजकुमार रोत को धमकी कब और कैसे मिली?
धमकी उदयपुर में आयोजित प्रेसवार्ता के लाइव स्ट्रीम के दौरान सोशल मीडिया पर कमेंट के रूप में मिली।
Q2. धमकी देने वाले की पहचान हो गई है?
हां, आरोपी का नाम चंद्रवीर सिंह बताया जा रहा है, जिसकी जांच जारी है।
Q3. सांसद ने क्या कार्रवाई की मांग की है?
उन्होंने डीजीपी और आईजी को पत्र भेजकर आरोपी की गिरफ्तारी और जांच की मांग की है।
Q4. क्या इस मामले में FIR दर्ज हुई है?
पुलिस ने आईटी एक्ट और धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
Q5. क्या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की कोई जिम्मेदारी बनती है?
बिल्कुल, प्लेटफॉर्म को ऐसे उकसाने वाले कमेंट्स को तुरंत मॉनिटर और रिपोर्ट करना चाहिए।
निष्कर्ष:
सांसद राजकुमार रोत को मिली यह धमकी केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि समाज में बढ़ते डिजिटल असहिष्णुता के माहौल की ओर इशारा करती है।
यह मामला बताता है कि सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की आज़ादी और जिम्मेदारी के बीच अब संतुलन बनाना जरूरी है।
उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में त्वरित कार्रवाई करेगा और आने वाले समय में ऐसे घटनाक्रमों पर सख्त कानून लागू होंगे।
