पुलिस कस्टडी में बिगड़ी तबीयत: डूंगरपुर में युवक की मौत के बाद बवाल, मुआवजे और नौकरी की मांग
पुलिस कस्टडी में बिगड़ी तबीयत: डूंगरपुर जिले में चोरी के आरोप में पकड़े गए 19 वर्षीय दिलीप अहारी की पुलिस कस्टडी में तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में मौत हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन कर पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया और एक करोड़ रुपए मुआवजा व सरकारी नौकरी की मांग की। विधायक और सांसद भी धरने में पहुंचे। आइए जानते हैं पूरी घटना की डिटेल्स।

पुलिस कस्टडी में बिगड़ी तबीयत: कैसे हुई मौत?
डूंगरपुर जिले के दोवड़ा थाना क्षेत्र में चोरी के आरोप में गिरफ्तार दिलीप अहारी (19) की तबीयत हिरासत में बिगड़ गई थी।
- शुक्रवार को पुलिस ने उसे स्कूल में हुई चोरी के आरोप में पकड़ा।
- पूछताछ के दौरान तबीयत खराब होने पर पहले डूंगरपुर जिला अस्पताल और फिर उदयपुर रेफर किया गया।
- मंगलवार को उपचार के दौरान डॉक्टरों ने दिलीप को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस कस्टडी में बिगड़ी तबीयत: परिवार का आरोप
मृतक दिलीप के परिजनों ने दोवड़ा पुलिस पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि—
- पुलिस की पिटाई से ही दिलीप की तबीयत बिगड़ी।
- उसे 2 दिन तक वेंटिलेटर पर रखा गया और माता-पिता से मिलने भी नहीं दिया गया।
- परिवार को पूरी सच्चाई छिपाई गई।
परिजनों ने साफ कहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होगी, धरना खत्म नहीं किया जाएगा।

पुलिस कस्टडी में बिगड़ी तबीयत: धरना और जाम
घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने कलेक्ट्रेट के सामने जाम लगाकर धरना शुरू कर दिया।
उनकी मुख्य मांगें:
- दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए।
- मृतक के परिजनों को 1 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जाए।
- परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
पुलिस कस्टडी में बिगड़ी तबीयत: नेताओं की मौजूदगी
- धरने में आसपुर विधायक उमेश डामोर और सांसद राजकुमार रोत पहुंचे।
- विधायक गणेश घोघरा ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मामला दबाने की कोशिश हुई।
- सांसद राजकुमार रोत ने कहा कि परिवार को न्याय दिलाने के लिए दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित करना होगा।

पुलिस कस्टडी में बिगड़ी तबीयत: पहले भी हुआ था विवाद
सोमवार को युवक की मौत की अफवाह पर दोवड़ा थाने पर जमकर हंगामा हुआ।
- लोगों ने 2 बार जाम लगाया।
- आक्रोशित भीड़ ने डीएसपी चांदमल सिंगाड़िया की कार पर पथराव कर दिया।
- कार के शीशे टूट गए, हालांकि डीएसपी सुरक्षित रहे।
पुलिस कस्टडी में बिगड़ी तबीयत: चोरी का पूरा मामला
- 12 दिसंबर की रात वसी सीनियर स्कूल में 52 हजार रुपए की चोरी हुई थी।
- सीसीटीवी फुटेज में दो आरोपी दिखाई दिए।
- पुलिस ने इन्हीं फुटेज के आधार पर दिलीप को पकड़ा था।
ग्रामीण इलाकों में क्यों बढ़ते हैं ऐसे विवाद?
इस तरह के मामले अक्सर इसलिए बढ़ते हैं क्योंकि—
- पूछताछ के दौरान पारदर्शिता नहीं रहती।
- हिरासत में मेडिकल जांच और निगरानी की कमी होती है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस और जनता के बीच भरोसे की कमी रहती है।
निष्कर्ष
डूंगरपुर की यह घटना सिर्फ एक युवक की मौत नहीं, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास पर बड़ा सवाल है। अगर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा नहीं मिला, तो ऐसे विवाद और बढ़ सकते हैं।
FAQs
Q1. डूंगरपुर में पुलिस कस्टडी में किस युवक की मौत हुई?
19 वर्षीय दिलीप अहारी की पुलिस हिरासत में तबीयत बिगड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई।
Q2. परिजनों ने पुलिस पर क्या आरोप लगाया है?
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने दिलीप के साथ मारपीट की और सच छिपाने की कोशिश की।
Q3. ग्रामीणों की क्या मांग है?
ग्रामीणों ने एक करोड़ रुपए मुआवजा, सरकारी नौकरी और आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
Q4. मामले में कौन-कौन से नेता शामिल हुए?
धरने में सांसद राजकुमार रोत, विधायक उमेश डामोर और विधायक गणेश घोघरा मौजूद रहे।
Q5. चोरी का मामला किस स्कूल से जुड़ा था?
चोरी वसी सीनियर स्कूल में हुई थी, जहां से 52 हजार रुपए चोरी हुए थे।
