माही नदी पर हैंगिंग ब्रिज: 134 करोड़ में बना डूंगरपुर-बांसवाड़ा का 1.925 किमी लंबा पुल, पीएम मोदी ने किया लोकार्पण
माही नदी पर हैंगिंग ब्रिज: माही नदी पर बना 134 करोड़ का हैंगिंग ब्रिज अब शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डूंगरपुर-बांसवाड़ा के बीच 1.925 किलोमीटर लंबे इस पुल का लोकार्पण किया। प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा हैंगिंग ब्रिज सफर को आसान बनाने के साथ ही रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। जानिए इस ब्रिज से दूरी कैसे कम होगी और लोगों को क्या-क्या फायदे मिलेंगे।
माही नदी पर हैंगिंग ब्रिज: डूंगरपुर और बांसवाड़ा की नई पहचान
डूंगरपुर के चीखली से बांसवाड़ा के आनंदपुरी तक फैला यह 1.925 किलोमीटर लंबा संगमेश्वर हैंगिंग ब्रिज अब पूरी तरह से आमजन के लिए खोल दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांसवाड़ा के नापला गांव से वर्चुअल बटन दबाकर इसका लोकार्पण किया।
यह ब्रिज पिछले 9 सालों से निर्माणाधीन था और अब जाकर पूरा हुआ है। प्रदेश में यह दूसरा सबसे बड़ा हैंगिंग ब्रिज है जिसे 134 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है।
माही नदी पर हैंगिंग ब्रिज: दूरी कितनी कम होगी?
इस ब्रिज के बनने से स्थानीय लोगों का सफर बेहद आसान हो गया है।
- चिखली से बेडुवा की दूरी: पहले लंबा रास्ता → अब केवल 4 किमी
- बेडुवा से आनंदपुरी की दूरी: अब केवल 4 किमी
- आनंदपुरी से मानगढ़ की दूरी: अब केवल 8 किमी
- चिखली से मानगढ़ की कुल दूरी: 115 किमी से घटकर 16 किमी
साफ है कि इस ब्रिज से समय, पैसा और ऊर्जा तीनों की बचत होगी।
माही नदी पर हैंगिंग ब्रिज: क्षेत्र को क्या फायदे होंगे?
इस पुल के शुरू होने से सिर्फ दूरी ही नहीं घटेगी, बल्कि कई और फायदे भी होंगे:
- रोजगार के अवसर बढ़ेंगे – ब्रिज से जुड़ी सुविधाओं और पर्यटन से स्थानीय युवाओं को काम मिलेगा।
- पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा – मानगढ़ धाम जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल तक पहुंच आसान होगी।
- व्यापार और बाजार में तेजी आएगी – डूंगरपुर और बांसवाड़ा के बीच यातायात सुगम होने से व्यापार बढ़ेगा।
- सड़क सुरक्षा बेहतर होगी – लंबे और टेढ़े-मेढ़े रास्तों से बचकर अब लोग सुरक्षित यात्रा कर पाएंगे।
माही नदी पर हैंगिंग ब्रिज: पीएम मोदी की सौगातें
सिर्फ हैंगिंग ब्रिज ही नहीं, बल्कि पीएम मोदी ने इस दौरे में डूंगरपुर और बांसवाड़ा को कई और बड़ी सौगातें दीं:
- 927 ए नेशनल हाईवे का सुदृढ़ीकरण कार्य
- सोम कमला आंबा-भीखा भाई सागवाड़ा फीडर परियोजना का शिलान्यास
- डूंगरपुर में वृहद पेयजल योजनाओं की सौगात
- नहर एवं सिंचाई परियोजनाओं की शुरुआत
माही नदी पर हैंगिंग ब्रिज: इतिहास और निर्माण प्रक्रिया
- ब्रिज की शुरुआत 2016 में वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल में हुई थी।
- इसे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार और सार्वजनिक निर्माण विभाग राजस्थान ने मिलकर तैयार करवाया।
- परियोजना पर 99.16 करोड़ (सीआरएफ मद) और 34.85 करोड़ (एसआरएफ मद) खर्च किए गए।
- यह ब्रिज माही, अनास और जाखम नदियों के त्रिवेणी संगम पर स्थित है।
माही नदी पर हैंगिंग ब्रिज: क्यों खास है यह पुल?
| विशेषता | जानकारी |
|---|---|
| कुल लागत | ₹134 करोड़ |
| लंबाई | 1.925 किमी |
| महत्व | राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा हैंगिंग ब्रिज |
| लाभ | दूरी घटेगी, रोजगार और पर्यटन बढ़ेगा |
| उद्घाटन | पीएम नरेंद्र मोदी ने किया |
FAQs: माही नदी पर हैंगिंग ब्रिज
Q1. माही नदी पर हैंगिंग ब्रिज की लंबाई कितनी है?
यह पुल 1.925 किलोमीटर लंबा है।
Q2. माही नदी पर हैंगिंग ब्रिज की कुल लागत कितनी आई?
इसके निर्माण पर लगभग 134 करोड़ रुपये खर्च हुए।
Q3. माही नदी पर हैंगिंग ब्रिज से कौन-कौन सी दूरी कम होगी?
चिखली से मानगढ़ की दूरी 115 किमी से घटकर सिर्फ 16 किमी रह जाएगी।
Q4. माही नदी पर हैंगिंग ब्रिज कब स्वीकृत हुआ था?
इसे 2016 में वसुंधरा राजे सरकार ने स्वीकृत किया था।
Q5. माही नदी पर हैंगिंग ब्रिज से स्थानीय लोगों को क्या फायदा होगा?
रोजगार बढ़ेगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और व्यापार-यातायात आसान होगा।
