डूंगरपुर: रामबोला मठ महंत ने कार्यक्रम से किया किनारा, नाम के दुरुपयोग पर जताई नाराज़गी
डूंगरपुर शहर में आयोजित होने वाले स्मृति महोत्सव, पादुका प्रतिष्ठा समारोह और चादर भंडारा उत्सव को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रामबोला मठ के महंत शिवशंकर दास महाराज ने साफ किया है कि इस कार्यक्रम से उनका कोई लेना-देना नहीं है, फिर भी उनके नाम का दुरुपयोग किया जा रहा है। महंत ने सनातन धर्म समिति और मठ के अनुयायियों से अपील की है कि वे इस कार्यक्रम से दूर रहें। आइए जानते हैं पूरा मामला विस्तार से।
डूंगरपुर रामबोला मठ महंत: कार्यक्रम से क्यों किया किनारा?
रामबोला मठ के महंत शिवशंकर दास महाराज ने मीडिया को बताया कि उन्हें 7 और 8 अक्टूबर को होने वाले स्मृति महोत्सव और पादुका प्रतिष्ठा समारोह की जानकारी सोशल मीडिया पर आए निमंत्रण पत्र से मिली।
उस पत्र में उनका नाम आयोजक या मुख्य अतिथि के रूप में लिखा था, जबकि उन्होंने इस आयोजन के लिए कोई सहमति नहीं दी थी।
इसी वजह से उन्होंने इस कार्यक्रम से स्पष्ट तौर पर किनारा कर लिया है।
डूंगरपुर रामबोला मठ महंत: नाम के गलत इस्तेमाल पर आपत्ति
महंत का कहना है कि—
- उनके नाम का ग़लत फ़ायदा उठाने की कोशिश की जा रही है।
- न तो उनसे इस आयोजन को लेकर कोई राय ली गई और न ही अनुमति।
- सोशल मीडिया निमंत्रण पत्रिका में उनका नाम छाप दिया गया, जो पूरी तरह गलत है।
डूंगरपुर रामबोला मठ महंत: गुरु भाई का नाम भी किया गया शामिल
महंत शिवशंकर दास ने बताया कि इस पत्रिका में उनके गुरु भाई और शामलाजी गुजरात पीठ के महामंडलेश्वर हरिकिशोर दास महाराज का नाम भी शामिल है।
लेकिन उनसे भी आयोजन को लेकर कोई सहमति नहीं ली गई।
इस तरह दोनों के नाम का उपयोग केवल लोगों को आकर्षित करने के लिए किया गया है।
डूंगरपुर रामबोला मठ महंत: अनुयायियों से अपील
महंत ने इस पूरे विवाद को लेकर अपने अनुयायियों और सनातन धर्म समिति के लोगों से साफ कहा है कि:
- इस कार्यक्रम से पूरी तरह दूर रहें।
- किसी भी प्रकार की ग़लतफहमी में न आएं।
- आयोजन का रामबोला मठ से कोई संबंध नहीं है।
डूंगरपुर रामबोला मठ महंत: कार्यक्रम पर क्या है विवाद?
आयोजन का विवरण (सोशल मीडिया पत्रिका अनुसार):
| तारीख | आयोजन | स्थान |
|---|---|---|
| 7 अक्टूबर | स्मृति महोत्सव व पादुका प्रतिष्ठा | श्री जगदीश मंदिर राजाजी की छतरी |
| 8 अक्टूबर | चादर भंडारा उत्सव | श्री जगदीश मंदिर प्रांगण |
लेकिन महंत का कहना है कि इन आयोजनों से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
डूंगरपुर रामबोला मठ महंत: विवाद पर प्रशासन की चुप्पी
फिलहाल इस मामले में प्रशासन या आयोजक मंडल की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
महंत के बयान के बाद यह कार्यक्रम अब सवालों के घेरे में आ गया है।
FAQs – डूंगरपुर रामबोला मठ विवाद से जुड़े सवाल
1. डूंगरपुर में कौन सा कार्यक्रम विवाद में है?
7 और 8 अक्टूबर को होने वाला स्मृति महोत्सव, पादुका प्रतिष्ठा समारोह और चादर भंडारा उत्सव विवाद में है।
2. डूंगरपुर रामबोला मठ महंत ने क्यों किया किनारा?
महंत शिवशंकर दास ने कहा कि उनके नाम का गलत उपयोग किया गया, जबकि आयोजन से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
3. क्या महंत के गुरु भाई का नाम भी इस्तेमाल हुआ?
हां, शामलाजी गुजरात पीठ के महामंडलेश्वर हरिकिशोर दास महाराज का नाम भी बिना अनुमति पत्रिका में छापा गया।
4. अनुयायियों से महंत ने क्या अपील की?
महंत ने अनुयायियों से कहा कि वे इस आयोजन से दूरी बनाए रखें और ग़लतफहमी का हिस्सा न बनें।
5. डूंगरपुर रामबोला मठ विवाद पर आयोजकों ने क्या कहा?
अभी तक आयोजकों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
