नवरात्रि में बेटी : के जन्म पर रक्तदान बांसवाड़ा के युवा बिजनेसमैन और दोस्तों ने पेश की अनोखी मिसाल
नवरात्रि में बेटी : के जन्म पर रक्तदान बांसवाड़ा में नवरात्रि के पावन अवसर पर बेटी के जन्म को लक्ष्मी का आगमन मानते हुए युवा बिजनेसमैन और उनके दोस्तों ने रक्तदान कर समाज को नई दिशा दी। सपना फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे हर घर रक्तवीर अभियान ने इस अनूठी पहल को और भी खास बना दिया। राजस्थान में पिपलांत्री के पौधरोपण की तरह अब बांसवाड़ा बेटी के जन्म पर रक्तदान की परंपरा से नई पहचान बना रहा है।

नवरात्रि में बेटी के जन्म पर रक्तदान की अनोखी शुरुआत
नवरात्रि में बेटी : राजस्थान का समाज अब रूढ़ियों से निकलकर बदलाव की राह पर है।
जहाँ कभी बेटी के जन्म पर मायूसी छा जाती थी, वहीं अब उसे लक्ष्मी का रूप मानकर स्वागत किया जा रहा है।
- राजस्थान के राजसमंद जिले के पिपलांत्री गांव में बेटी के जन्म पर पौधरोपण की परंपरा शुरू हुई थी।
- अब बांसवाड़ा जिले में सपना फाउंडेशन की पहल पर बेटी के जन्म पर रक्तदान करके समाज को नया संदेश दिया जा रहा है।
नवरात्रि में बेटी : बेटी के जन्म पर बिजनेसमैन और दोस्तों ने किया रक्तदान
इस अभियान में मुंबई से जुड़े युवा बिजनेसमैन और उनके मित्रों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
- जगदीश पाटीदार आसन, जो मुंबई में राजू रजवाड़ी चाय ब्रांड चलाते हैं, ने अपनी बेटी के जन्म पर रक्तदान किया।
- उनके मित्र हर्ष गर्ग ने 14वीं बार और कल्पेश पाटीदार ने पहली बार ब्लड बैंक जाकर रक्तदान किया।
- इसी मौके को विशेष बनाते हुए राजू रजवाड़ी के संचालक राजू पाटीदार ने भी मुंबई में रक्तदान कर इस पहल को और भी यादगार बना दिया।

नवरात्रि में बेटी : के जन्म पर रक्तदान

नवरात्रि में बेटी : सपना फाउंडेशन का हर घर रक्तवीर अभियान
सपना फाउंडेशन लंबे समय से रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए नई-नई पहल करता रहा है।
- वृक्षारोपण से जुड़े रक्तदान अभियान – प्रकृति रक्षक रक्तवीर।
- शिक्षा से जुड़ा रक्तदान अभियान – लकी रक्तवीर योजना।
- हर घर रक्तवीर अभियान – जिसमें बेटी के जन्म जैसे पावन अवसर पर रक्तदान की परंपरा शुरू हुई।
संगठन के कॉर्डिनेटर हर्ष गर्ग का कहना है कि “घर में लक्ष्मी का स्वागत रक्तदान से होना बताता है कि समाज बदल चुका है और अब भ्रांतियों को मिलकर दूर करना होगा।”
नवरात्रि में बेटी : के जन्म पर रक्तदान कार्यक्रम में मौजूद रहे समाजसेवी
इस अवसर पर कई समाजसेवी और कार्यकर्ता भी शामिल रहे।
- वागड़ बने वृंदावन सेवा योद्धा प्रीतम सिंह
- परमेश्वर गर्ग
- फाउंडेशन से जुड़े कई अन्य सक्रिय कार्यकर्ता
टेबल: बेटी के जन्म पर रक्तदान पहल के मुख्य बिंदु
| पहल का नाम | स्थान | विशेषता |
|---|---|---|
| पिपलांत्री परंपरा | राजसमंद | बेटी के जन्म पर पौधरोपण |
| हर घर रक्तवीर | बांसवाड़ा | बेटी के जन्म पर रक्तदान |
| वृक्षारोपण से रक्तदान | राजस्थान | प्रकृति संरक्षण और रक्तदान जोड़ना |
| लकी रक्तवीर योजना | राजस्थान | शिक्षा और रक्तदान से समाजसेवा |
इस पहल से मिलने वाले बड़े संदेश
- बेटी के जन्म पर खुशियां मनाने की नई परंपरा।
- रक्तदान को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में स्वीकारना।
- समाज में भ्रांतियों और भेदभाव को खत्म करना।
- युवाओं को प्रेरित करना कि छोटे-छोटे कदम भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
FAQs
1. बांसवाड़ा में बेटी के जन्म पर रक्तदान अभियान किसने शुरू किया?
यह पहल सपना फाउंडेशन के हर घर रक्तवीर अभियान के तहत की गई है।
2. इस अवसर पर किन लोगों ने रक्तदान किया?
युवा बिजनेसमैन जगदीश पाटीदार आसन, उनके मित्र हर्ष गर्ग और कल्पेश पाटीदार ने रक्तदान किया।
3. पिपलांत्री गांव की परंपरा क्या है?
राजसमंद जिले के पिपलांत्री गांव में बेटी के जन्म पर पौधरोपण करके पर्यावरण संरक्षण और बेटियों के सम्मान का संदेश दिया जाता है।
4. सपना फाउंडेशन और कौन-सी पहल करता है?
फाउंडेशन प्रकृति रक्षक रक्तवीर, लकी रक्तवीर योजना जैसी मुहिमों से रक्तदान को बढ़ावा देता है।
5. इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
समाज में यह संदेश देना कि बेटी लक्ष्मी का स्वरूप है और उसका स्वागत रक्तदान जैसी पुण्यकारी सेवा से होना चाहिए।
