डूंगरपुर में पटवारी :से मारपीट का विरोध आधे दिन का कार्य बहिष्कार, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
डूंगरपुर में पटवारी डूंगरपुर जिले में गिरदावरी के दौरान पटवारी और टीम पर हमले के विरोध में पटवारियों ने आधे दिन का कार्य बहिष्कार किया। एसडीएम और एडिशनल एसपी को ज्ञापन देकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग उठाई गई। यदि 26 सितंबर तक गिरफ्तारी नहीं होती, तो पटवारियों ने पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। यह मामला छैला खेरवाड़ा गांव का है, जहां पटवारी और सरपंच पति पर धारिया, लट्ठ और पत्थरों से हमला किया गया था।
डूंगरपुर में पटवारी से मारपीट का मामला
डूंगरपुर सदर थाना क्षेत्र के छैला खेरवाड़ा गांव में गिरदावरी के लिए गए पटवारी और उनकी टीम पर हमला किया गया।
- हमले में सरपंच पति गंभीर रूप से घायल हो गए।
- पटवारी ने भागकर अपनी जान बचाई।
- इस घटना से पटवारी वर्ग में गहरा आक्रोश है।
डूंगरपुर में पटवारी कार्य बहिष्कार क्यों?
हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज पटवारियों ने सोमवार को आधे दिन का कार्य बहिष्कार किया।
- ज्ञापन सौंपा गया: एसडीएम और एडिशनल एसपी को लिखित मांग दी गई।
- आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग: 26 सितंबर तक कार्रवाई नहीं होने पर पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी।
- संगठन का नेतृत्व: राजस्थान कानूनगो एवं पटवार संघ के बैनर तले पटवारियों ने प्रदर्शन किया।
डूंगरपुर में पटवारी पर हमले की पूरी घटना
घटना 20 सितंबर की बताई जा रही है।
- पटवारी नितिन पारगी और सर्वेयर की टीम गिरदावरी के लिए गांव पहुँची।
- एक महिला और उसके पति ने टीम को धमकाया और पटवारी को जान से मारने की धमकी दी।
- जानकारी सरपंच को दी गई, तो सरपंच पति गणेशलाल मौके पर पहुँचे।
- वहां खातेदार और उसके साथियों ने धारिया, लट्ठ और पत्थरों से हमला कर दिया।
- पटवारी किसी तरह भाग निकले, लेकिन सरपंच पति गंभीर रूप से घायल हो गए।
डूंगरपुर में पटवारी संगठन की चेतावनी
पटवारियों ने साफ कहा है कि यदि समय रहते गिरफ्तारी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन होगा।
- 26 सितंबर तक समय सीमा दी गई है।
- उसके बाद पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
- इससे प्रशासनिक कामकाज पर गहरा असर पड़ सकता है।
डूंगरपुर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
हमले के बाद पटवारी ने मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन
- 3 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई।
- पुलिस की धीमी कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
- एडिशनल एसपी ने समझाइश कर आंदोलन अस्थायी रूप से टलवाया।
डूंगरपुर में पटवारी आंदोलन का असर
अगर पटवारियों ने पूर्ण कार्य बहिष्कार किया तो आम लोगों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
- खसरा-गिरदावरी रिपोर्ट प्रभावित होगी।
- जमीन से जुड़े काम अटक सकते हैं।
- किसानों और ग्रामीणों को समय पर दस्तावेज नहीं मिल पाएंगे।
FAQs
Q1. डूंगरपुर में पटवारी से मारपीट कब हुई थी?
यह घटना 20 सितंबर को छैला खेरवाड़ा गांव में हुई थी।
Q2. पटवारी संगठन ने विरोध क्यों किया?
आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पटवारियों ने आधे दिन का कार्य बहिष्कार किया।
Q3. मारपीट की घटना में कौन घायल हुआ?
सरपंच पति गणेशलाल गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
Q4. पटवारियों ने आगे क्या चेतावनी दी है?
यदि 26 सितंबर तक गिरफ्तारी नहीं होती है तो पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
Q5. इस आंदोलन का आम जनता पर क्या असर होगा?
किसानों और ग्रामीणों से जुड़े जमीन के दस्तावेज और गिरदावरी कार्य प्रभावित होंगे।
