बांसवाड़ा में व्यापारी को कर्ज से मुक्ति: दिलाने का झांसा देकर मौत की राह दिखाई, दोस्त ने ही नदी में धक्का देकर की हत्या
बांसवाड़ा में व्यापारी को कर्ज से मुक्ति राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। कर्ज के बोझ तले दबे व्यापारी को उसके दोस्त ने आत्महत्या का आइडिया दिया। दोनों ने कार समेत माही नदी में कूदकर जान देने की योजना बनाई। लेकिन आखिरी वक्त पर दोस्त ने धोखा देकर व्यापारी को नदी में धक्का दे दिया और खुद फरार हो गया। पुलिस ने कई दिनों की तलाश के बाद आरोपी को रतलाम से गिरफ्तार किया। पढ़ें इस सनसनीखेज केस की पूरी कहानी।

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बांसवाड़ा में व्यापारी को कर्ज से मुक्ति: व्यापारी पर था कर्ज, दोस्त ने सुझाया खतरनाक रास्ता
बांसवाड़ा जिले के मोटागांव कस्बे का रहने वाला 50 वर्षीय किराना व्यापारी सुरेश सोनी लंबे समय से कर्ज में डूबा हुआ था। आर्थिक तंगी के कारण वह मानसिक तनाव में जी रहा था।
इसी दौरान उसका पुराना दोस्त और ई-मित्र संचालक हर्षित शर्मा (32) उससे मिला। हर्षित ने उसे समझाया कि कर्ज से छुटकारा पाने का सबसे आसान रास्ता आत्महत्या है।
- हर्षित ने कहा कि वह भी दोस्ती निभाते हुए सुरेश के साथ अपनी जान देगा।
- दोनों ने योजना बनाई कि कार समेत माही नदी में कूदकर सब कुछ खत्म कर देंगे।
- 8 सितंबर की रात दोनों हर्षित की कार में बैठकर लसाड़ा पुल की ओर निकल पड़े।
यही से एक खतरनाक प्लान की शुरुआत हुई, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया।
हाथापाई के बीच नदी में धक्का
पुल पर पहुंचकर जब असल वक्त आया तो हर्षित का इरादा बदल गया।
- सुरेश कूदने को तैयार था लेकिन हर्षित पीछे हट गया।
- इस बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया।
- हाथापाई के दौरान हर्षित ने अचानक सुरेश को जोर से धक्का दे दिया।
- सुरेश नदी में गिरा और कुछ ही पलों में पानी की लहरों में समा गया।
इसके बाद हर्षित ने वारदात को आत्महत्या जैसा दिखाने के लिए अपनी ही कार को भी नदी में धकेल दिया और वहां से भाग निकला।

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शव मिला 45 किलोमीटर दूर, कार भी बरामद
इस घटना के बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी।
- 11 सितंबर को सुरेश का शव डूंगरपुर जिले के भीलूड़ा गांव की माही नदी से बरामद किया गया।
- शव मिलने के बाद शक गहराया कि यह साधारण आत्महत्या का मामला नहीं है।
- 12 सितंबर को साबला (डूंगरपुर) में 30 फीट गहरे पानी से हर्षित की कार भी बरामद हुई।
- कार में उसके जूते और कपड़े मिले, जिसने पुलिस की शंका को और मजबूत कर दिया।
हुलिया बदलकर फरार हुआ आरोपी
वारदात के बाद हर्षित सीधे इंदौर पहुंचा।
- वहां उसने मुंडन कराकर और कपड़े बदलकर अपना हुलिया बदल लिया।
- कुछ दिन तक वहीं छिपा रहा ताकि पुलिस उसे पकड़ न सके।
- इसके बाद वह मुंबई अपने फुफेरे भाई नितेश के पास पहुंचा।
लेकिन नितेश को जब सच्चाई का पता चला तो उसने पुलिस को सूचना दे दी।
योजना बनाकर नितेश ने हर्षित को ट्रेन से रतलाम ले आया, जहां पुलिस ने उसे दबोच लिया।

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पुलिस जांच में सामने आया पूरा सच
मोटागांव थाना प्रभारी रामसिंह ने बताया—
- सुरेश पर भारी कर्ज था और उसी का फायदा उठाकर हर्षित ने साजिश रची।
- उसने सुरेश को शराब पिलाई और सुसाइड का झांसा देकर पुल तक ले गया।
- दरअसल, शुरुआत से ही हर्षित का इरादा खतरनाक था।
- पुलिस अब यह जांच कर रही है कि हत्या के पीछे केवल कर्ज का बहाना था या इसके पीछे कोई आर्थिक-व्यावसायिक विवाद भी छुपा है।
केस से जुड़े अहम तथ्य (एक नजर में)
- व्यापारी सुरेश पर कर्ज था।
- दोस्त हर्षित ने दिया आत्महत्या का आइडिया।
- 8 सितंबर की रात दोनों लसाड़ा पुल पर पहुंचे।
- हाथापाई के दौरान हर्षित ने सुरेश को नदी में धक्का दिया।
- शव 11 सितंबर को 45 किलोमीटर दूर से मिला।
- कार 12 सितंबर को नदी से बरामद हुई।
- आरोपी ने हुलिया बदलकर खुद को छिपाया।
- पुलिस ने रतलाम से गिरफ्तार किया।
समाज के लिए सीख
यह मामला सिर्फ एक अपराध की कहानी नहीं बल्कि समाज के लिए एक सबक है।
- आर्थिक संकट या कर्ज से जूझ रहे लोग आत्महत्या को समाधान समझ लेते हैं, जबकि यह स्थायी हल नहीं है।
- ऐसे हालात में परिवार, मित्र और समाज की मदद लेनी चाहिए।
- किसी भी स्थिति में गलत दोस्तों की सलाह पर चलना खतरनाक हो सकता है।
जरूरत है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए जागरूकता और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाए।
